आयुक्त और अपर आयुक्त-
(1) राज्य सरकार प्रत्येक मण्डल में एक आयुक्त की नियुक्ति करेगी जो, अपने मण्डल के भीतर, इस संहिता या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि द्वारा या उसके अधीन किसी आयुक्त को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग और अधिरोपित कर्तव्यों का निर्वहन करेगा और अपने मण्डल में सभी राजस्व अधिकारियों पर प्राधिकार का प्रयोग करेगा।
(2) राज्य सरकार एक या उससे अधिक मण्डलों में एक या उससे अधिक अपर आयुक्तों की नियुक्ति कर सकती है।
(3) कोई अपर आयुक्त ऐसे मामले या मामलों की श्रेणियों में आयुक्त की ऐसी शक्तियों का प्रयोग और उसके कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, जैसा राज्य सरकार द्वारा या राज्य सरकार के किसी निदेश के अभाव में, मण्डलायुक्त द्वारा निदेशित किया जाए।
(4) आयुक्त पर तत्समय लागू इस संहिता के उपबन्ध और प्रत्येक अन्य विधि इस धारा के अधीन शक्तियों का प्रयोग या किन्हीं कर्तव्यों के निर्वहन के समय अपर आयुक्त पर इस प्रकार लागू होंगे मानो वह मण्डलायुक्त हो।
(5) राज्य सरकार नियुक्ति करते समय या उसके पश्चात् किसी समय, किसी भी अपर आयुक्त को, अपर आयुक्त (न्यायिक) के रूप में, पदाभिहित कर सकती है और किसी ऐसे अपर आयुक्त (न्यायिक) को केवल न्यायिक कार्य आवंटित किया जायेगा। ऐसा अपर आयुक्त (न्यायिक) ऐसे मामले या मामलों की श्रेणियों में आयुक्त की ऐसी शक्तियों का प्रयोग और कतर्व्यों का निर्वहन करेगा जैसा राज्य सरकार निदेश दे, या राज्य
सरकार के किसी निदेश के अभाव में, मण्डलायुक्त द्वारा, निदेशित किया जाये।