सीमा सम्बन्धी विवाद-
(1) उप ज़िलाधिकारी स्वप्रेरणा से या किसी हितबद्ध व्यक्ति द्वारा इस निमित्त आवेदन दिए जाने पर सीमा सम्बन्धी समस्त विवाद का विनिश्चय वर्तमान सर्वेक्षण नक्शों के आधार पर या जहाँ उत्तर प्रदेश जोत चकबन्दी अधिनियम, 1953 के उपबन्धों के अनुसार उनका पुनरीक्षण करा दिया गया हो वहाँ उन नक्शों के आधार पर, किन्तु यदि ऐसा सम्भव न हो तो वास्तविक कब्जे के आधार पर सरसरी
जाँच द्वारा कर सकता है।
(2) यदि उपधारा (1) के अधीन किसी विवाद में जाँच के दौरान उप ज़िलाधिकारी अपना यह समाधान न
कर सके कि किस पक्ष का कब्जा है या यदि यह दिखाया गया हो कि विधिपूर्ण अध्यासी को सदोष बेदखल करके कब्जा प्राप्त किया गया है, तो उपज़िलाधिकारी-
(क) प्रथम स्थिति में, संक्षिप्त जाँच द्वारा यह अभिनिश्चित करेगा कि सम्पत्ति का सर्वाधिक हकदार व्यक्ति कौन है और ऐसे व्यक्ति को कब्जा देगा ;
(ख) द्वितीय स्थिति में, इस प्रकार बेदखल किए गए व्यक्ति को कब्जा दिलाएगा और उस प्रयोजन के लिए ऐसे बल का प्रयोग कर या करवा सकेगा जैसी आवश्यकता हो और तत्पश्चात सीमा का निर्धारण तदनुसार करेगा।
(3) इस धारा के अधीन प्रत्येक कार्यवाही उप ज़िलाधिकारी द्वारा आवेदन के दिनांक से, यथासम्भव तीन माह के भीतर समाप्त कर ली जाएगी।
(4) उप ज़िलाधिकारी के आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति ऐसे आदेश के दिनांक से 30 दिन के भीतर आयुक्त के समक्ष अपील प्रस्तुत कर सकता है। आयुक्त का आदेश , धारा 210 उपबंधो के अध्यधीन अंतिम होगा |