उप ज़िलाधिकारी की पुनरीक्षण सम्बन्धी शक्ति-
उप ज़िलाधिकारी धारा 25 या धारा 26 के अधीन तहसीलदार द्वारा विनिश्चय किए गए किसी मामले के अभिलेख को ऐसे विनिश्चय की वैधता या औचित्य के सम्बन्ध में अपना समाधान करने के प्रयोजन से माँग सकता है और सम्बन्धित पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात ऐसा आदेश पारित कर सकता है जैसा वह उचित समझेः
परन्तु इस धारा के अधीन कोई प्रार्थना पत्र, पुनरीक्षित कराये जाने वाले आदेश के दिनांक से तीस दिन की अवधि की समाप्ति के पश्चात ग्रहण नहीं किया जायेगा।