मानचित्र  और  अभिलेख  के  पुनरीक्षण  की  प्रक्रिया- 

(1)  धारा 46  और  47  के  अधीन  मानचित्र  और अभिलेख का पुनरीक्षण करने के लिये अभिलेख अधिकारी उपधारा (2) से (8) के उपबन्धों के अधीन रहते हुए विहित  प्रक्रिया  के  अनुसार  सर्वेक्षण,  मानचित्र  में  सुधार,  खेतवार  पड़ताल  और  चालू  अधिकार  अभिलेख
(खतौनी) का परीक्षण और सत्यापन करायेगा।
(2) चालू अधिकार अभिलेख का परीक्षण और सत्यापन हो जाने के पश्चात् नायब तहसीलदार ऐसे अभिलेख में लेखन सम्बन्धी भूलों और गलतियों को, यदि कोई हो, शुद्ध करेगा और संबद्ध खातेदारों और अन्य हितबद्ध व्यक्तियों को नोटिस जारी करायेगा जिसमें चालू अधिकार अभिलेख और ऐसे अन्य अभिलेख से, जो विहित किया  जाए,  सुसंगत  उद्धरण  दिए  जायेंगे,  जिसमें  भूमि  के  सम्बन्ध  में  उनके  अधिकार  और  दायित्व  और उपधारा (1) में उल्लिखित क्रियाओं के दौरान उनमें पायी गयी भूलों और विवादों का उल्लेख किया जायेगा।
(3) कोई व्यक्ति  जिसे उपधारा (2) के अधीन नोटिस जारी  की गयी  हो, नोटिस की प्राप्ति के  दिनांक  से इक्कीस दिन के भीतर नायब तहसीलदार के समक्ष उसके सम्बन्ध में आपत्तियां प्रस्तुत कर सकता है, जिसमें
ऐसे अभिलेख या उद्धरण की प्रविष्टियों की शुद्धता या उसके प्रकार पर विवाद प्रकट किया गया हो।

(4)  भूमि  में  हितबद्ध  कोई  व्यक्ति  उपधारा  (5)  के  अनुसार  विवाद  के  तय  किये  जाने  के  पूर्व  किसी  समय नायब  तहसीदार  के  समक्ष  या  उपधारा  (6)  के  अनुसार  आपत्तियों  का  विनिश्चय  किए  जाने  के  पूर्व  किसी समय सहायक अभिलेख अधिकारी के समक्ष आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।
(5) नायब तहसीलदार -
(क)  जहां  उपधारा  (3)  और  उपधारा  (4)  के  अनुसार  आपत्तियां  प्रस्तुत  की  जायं,  वहाँ  सम्बद्ध पक्षकारों को सुनवाई करने के पश्चात; और
(ख) किसी अन्य स्थिति में, ऐसी जाँच करने के पश्चात, जिसे वह आवश्यक समझे;
भूल का सुधार करेगा और अपने समक्ष उपस्थित होने वाले पक्षकारों  के  बीच समझौता  द्वारा  विवाद का निपटारा करेगा और ऐसे समझौते के आधार पर आदेश देगा।
(6)  ऐसे  समस्त  मामलों  का  अभिलेख,  जिनका  निस्तारण,  नायब  तहसीलदार  द्वारा  उपधारा  (5)  की
अपेक्षानुसार, समझौता द्वारा नहीं किया जा सकता, सहायक अभिलेख अधिकारी को भेज दिया जाएगा जो उनका  निस्तारण  धारा  24  में  निर्धारित  प्रक्रिया  के  अनुसार  करेगा,  और  जहाँ  विवाद  में  हक  का  प्रश्न अन्तर्गस्त हो वहाँ वह उसका विनिश्चय सरसरी तौर पर जाँच करने के पश्चात करेगा।
(7)  जहाँ  उपधारा  (6)  के  अधीन  सरसरी  तौर  पर  जाँच करने के  पश्चात  सहायक  अभिलेख  अधिकारी  का समाधान हो जाए कि विवादग्रस्त भूमि राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकारी की है, वहाँ ऐसी भूमि पर अप्राधिकृत अध्यासन रखने वाले व्यक्ति को बेदखल करायेगा और इस प्रयोजन के लिये ऐसे बल का प्रयोग कर सकता है या करा सकता है जो आवश्यक हो।
(8)  उपधारा  (6)  या  उपधारा  (7)  के  अधीन  सहायक  अभिलेख  अधिकारी  द्वारा  दिये  गये  किसी  आदेश  से व्यथित  कोई  व्यक्ति  ऐसे  आदेश  के  दिनांक  से  तीस  दिन  के  भीतर,  विहित  रीति  से  अभिलेख  अधिकारी  को अपील कर सकता है, और अभिलेख अधिकारी का ऐसी अपील पर प्रत्येक आदेश, धारा-210 के उपबन्धों के अधीन रहते हुये, अन्तिम होगा।