फलदार वृक्ष- 

(1) इस संहिता के प्रारम्भ होने के पूर्व राज्य सरकार के किसी राजस्व अधिकारी या वन या
लोक निर्माण विभाग या सिंचाई विभाग के अधिकारी, जो यथास्थिति तहसीलदार या सहायक वन संरक्षक या सहायक  अभियन्ता की  श्रेणी  के नीचे का न हो, की लिखित अनुज्ञा से जब कोई फलदार वृक्ष किसी व्यक्ति द्वारा किसी सार्वजनिक मार्ग या पथ या नहर के किसी ओर रोपित किया गया हो, तो ऐसा होते हुए भी ऐसी भूमि राज्य सरकार में निहित होगी और ऐसा व्यक्ति और उसके विधिक प्रतिनिधि किसी प्रभार, जो भी हो, के संदाय के बिना ऐसे वृक्षों के फलों के हकदार होंगे।
(2) इस संहिता के प्रारम्भ होने के पश्चात् किसी सार्वजनिक मार्ग या पथ या नहर  के  किसी  ओर  फलदार वृक्ष रोपित करने के लिये इǔछुक कोई व्यक्ति, कलेक्टर या इस निमित्त राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी की लिखित अनुज्ञा से ऐसा कर सकता है और उपधारा (1) के उपबन्ध इस प्रकार रोपित किए गए वृक्षों के निमित्त लागू होंगे।
(3)  इस  धारा  के  अधीन  प्रदत्त  अधिकार  वंशानुगत  होंगे  किन्तु  फलदार  वृक्ष  रोपित  करने  वाले  व्यक्ति  या उसके  उत्तराधिकारियों  के  पास  ऐसे  समग्र  वृक्ष  के  प्रति  या  ऐसी  भूमि  पर  जिस  पर  वह स्थित  हो,  कोई अधिकार नहीं होगा।