समेकित  गांव  निधि-

(1) प्रत्येक ज़िले  के लिए एक समेकित गांव निधि की स्थापना की जाएगी जिसमें निम्नलिखित धनराशि जमा की जाएगी, अर्थात्-
(क) धारा 68 की उपधारा (1) के परन्तुक में निर्दिष्ट धनराशि;
(ख) उपधारा (2) के अधीन कलेक्टर द्वारा प्राप्त समस्त अंशदान ;
(ग) ऐसी अन्य धनराशि जैसी विहित किया जाए।
(2) किसी ज़िले  में प्रत्येक ग्राम  पंचायत  कलेक्टर को वार्षिक रूप में धारा 67 के अधीन गांव  निधि में जमा की गयी कुल धनराशि के ऐेसे प्रतिशत में जैसा कि  राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित किया जाय विहित रूप में भुगतान करेगा जो पǔचीस प्रतिशत से अधिक न हो।
(3) समेकित गांव  निधि का संचालन कलेक्टर द्वारा किया जाएगा और उसे निम्नलिखित प्रयोजनों के लिये उपयोजित किया जा सकता है, अर्थात्-
(क) धारा 72 के अधीन नियुक्त अधिवक्ताओं की फीस और उनके भत्तों, यदि कोई हों, का भुगतान;
(ख) इस संहिता के अधीन ग्राम  पंचायत  या भूमि प्रबन्धक समिति द्वारा या उसके विरूद्ध वादों के संचालन और अभियोजन, आवेदनों या अन्य कार्यवाहियों के सम्बन्ध में उपगत व्ययों का भुगतान;
(ग) सामान्य उपयोगिता की भूमि के विकास पर उपगत व्यय का भुगतान; और
(घ) किसी ऐसी अन्य धनराशि का भुगतान जिसे राज्य सरकार साधारण या विशेष आदेश द्वारा ऐसी निधि पर समुचित प्रभार के रूप में घोषित करे।
(4)  इस  संहिता  द्वारा  निरसित  किसी  अधिनियम  के  अधीन  गठित  और  इसके  प्रारम्भ  होने  के  तत्काल  पूर्व विद्यमान समेकित गांव निधियों को इस धारा के अधीन गठित किया गया समझा जायगा।
(5) राज्य सरकार, गजट में अधिसूचना द्वारा, निदेश दे सकती है कि प्रत्येक तहसील  के लिए एक समेकित गांव निधि भी इस प्रयोजन के लिए और विहित रीति से स्थापित की जायेगी।