वैकल्पिक व्यवस्था- 

यदि किसी समय कलेक्टर का यह समाधान हो जाता है किः-
(क) भूमि प्रबन्धक समिति इस संहिता द्वारा या उसके अधीन अपने लिए अधिरोपित या समनुदेशित अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने या कृत्यों का निष्पादन करने के लिये युक्तियुक्त कारण या प्रतिहेतु के बिना विफल हो गयी है; या
(ख)  परिस्थितियां  ऐसी  उत्पन्न  हो  गयी  हैं  कि  भूमि  प्रबन्धक  समिति  इस  संहिता  द्वारा  या  उसके अधीन अधिरोपित या समनुदेशित कर्तव्यों का निर्वहन करने या कृत्यों का निष्पादन करने के योग्य नहीं है या उसे अयोग्य ठहराया जा सकता है; या
(ग) यदि ऐसा करना अन्यथा समीचीन या आवश्यक हो; तो वह यह निदेश दे सकता है कि तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी इस  संहिता के  अधीन  ऐसे  भूमि  प्रबन्धक  समिति के  कर्तव्यों, शक्तियों और  कृत्यों का  निर्वहन, प्रयोग और निष्पादन ऐेसे किसी अधिकारी जो नायब तहसीलदार की श्रेणी से नीचे का न हो, द्वारा ऐसी अवधि के लिये और ऐसे निर्बन्धनों के अध्यधीन किया जायेगा जिन्हें कि विनिर्दिष्ट किया जायः परन्तु  यह  कि  इस  धारा  के  अन्तर्गत  किसी  निदेश  को  जारी  करने के  पहले  भूमि  प्रबन्धक  समिति को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर दिया जायेगा।