असामी-
निम्नलिखित वर्गों में से किसी वर्ग का प्रत्येक व्यक्ति असामी कहा जाएगा, और उसको वे सब अधिकार हांगे और वह उन सब दायित्वों के अधीन होगा जो इस संहिता के द्वारा या अधीन ऐसे असामी को प्रदत्त या उस पर आरोपित किये गये हों, अर्थात्ः-
(क) इस संहिता की धारा 76 की उपधारा (1) के खण्ड (घघ) के उपबन्धों के अधीन रहते हुये, प्रत्येक व्यक्ति जो इस संहिता के प्रारम्भ के दिनांक के ठीक पूर्व असामी था;
(ख) प्रत्येक व्यक्ति जिसे भूमि प्रबन्धक समिति द्वारा उक्त दिनांक को या उसके पश्चात् इस संहिता के उपबन्धों के अधीन या अनुसार किसी भूमि पर असामी स्वीकार किया गया हो;
(ग) प्रत्येक व्यक्ति जो इस संहिता के उपबन्धों के अधीन या अनुसार किसी भूमि के भूमिधर द्वारा उक्त दिनांक को या उसके पश्चात् पट्टेदार के रूप में स्वीकार किया गया हो;
(घ) प्रत्येक व्यक्ति जो इस संहिता के या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबन्धों के अधीन या अनुसार किसी अन्य रीति से असामी का अधिकार प्राप्त कर ले।