भारतीय  नागरिकों  से  भिन्न  व्यक्तियों  द्वारा  भूमि  का  अर्जन  न किया  जाना-  

इस संहिता में या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में दी गयी किसी बात के होते हुए भी भारतीय नागरिक से भिन्न किसी व्यक्ति को विक्रय या दान द्वारा या किसी अन्य रीति  से  जिसमें उसके पक्ष में कब्जे का अन्तरण सम्मिलित है, राज्य सरकार की लिखित पूर्वानुमति के बिना किसी भूमि को अर्जित करने का अधिकार न होगा।
स्पष्टीकरण-इस  धारा  के  प्रयोजनार्थ  पद  ‘‘भारतीय  नागरिक’’  में कोई कम्पनी  या  संगम  या
व्यक्तियों का निकाय, चाहे निगमित हों या नहीं और जो पूर्णतया या मौलिक रूप से भारतीय नागरिकों के स्वामित्वाधीन या नियंत्रणाधीन है, सम्मिलित होंगी।