निःशक्त सह-अंशधारकों द्वारा पट्टा करना-

(1) जहां कोई जोत एक व्यक्ति से अधिक व्यक्तियों द्वारा
संयुक्त रूप से धृत की जाती है और उनमें से सभी धारा 95 की उपधारा (1) में उल्लिखित निःशक्तताओं के अधीन नहीं है तो निःशक्त सह अंशधारक जोत में अपने अंश का अकेले पट्टा कर सकता है।
(2) जहां उपधारा (1) के अनुसरण में किसी सह-अंशधारक द्वारा किसी जोत में किसी अंश का पट्टा कर दिया गया है तो ऐसा असामी या सह-अंशधारक ऐसे अंश के बंटवारे के लिऐ वाद कर सकता है।
(3) उपधारा (2) के अधीन विभाजन के लिए किसी वाद में किसी अन्य अनुतोष को सम्मिलित नहीं किया जायेगा।