अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों द्वारा बंधक रखना-
इस संहिता के किन्हीं अन्य उपबन्धों में दी गयी किसी बात के होते हुए भी अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का
कोई भूमिधर या कोई असामी राज्य सरकार से या धारा 92 के खण्ड (क) में निर्दिष्ट किसी संस्था से लिया गया या लिए जाने वाले किसी ऋण के लिए प्रतिभूति के रूप में बिना कब्जे के बन्धक द्वारा किसी जोत या उसके किसी भाग में अपने हित का अन्तरण कर सकता है।