इस संहिता के उल्लंघन में पट्टे का प्रभाव-
जहां धारा 94, धारा 95, धारा 96 या धारा 99 के उल्लंघन में किसी भूमिधर ने अपनी किसी जोत या उसके किसी भाग को पट्टे पर दे दिया हो वहां किसी विधि या संविदा या पट्टा विलेख में दी गयी किसी बात के होते हुए भी, -
(क) जहां अपने परिवार द्वारा धृत भूमि के साथ पट्टेदार द्वारा धृत भूमि जिसमें कि उसको और उसके परिवार के किसी सदस्य को पट्टे पर दी गयी भूमि सम्मिलित है, का कुल क्षेत्रफल उत्तर प्रदेश में 5. 0586 हेक्टेयर से अधिक न हो तो वहां पट्टेदार उस पर असंक्रमणीयअधिकारों सहित भूमिधर हो जाएगा और समझा जायेगा; और
(ख) जहां कुल क्षेत्रफल, जैसा ऊपर वर्णित है, 5.0586 हेक्टेयर से अधिक है, वहां पट्टेदार उसका क्रेता हो जाएगा और समझा जायेगा और उस पर धारा 89 के उपबन्ध लागू होंगे।