पुरूष भूमिधर, असामी या सरकारी पट्टेदार के उत्तराधिकार का सामान्य क्रम-
(1) धारा 107 के उपबंधो के अधीन रहते हुए किसी पुरूष भूमिधर, असामी या सरकारी पट्टेदार की मृत्यु हो जाने पर उसकी जोत में उसके हित का न्यागमन उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट उसके उत्तराधिकारियों को नातेदार होने पर नीचे दिए गए सिद्धान्त के अनुसार होगाः-
(एक) उपधारा (2) के किसी एक खण्ड में विनिर्दिष्ट उत्तराधिकारी एक साथ समान अंश प्राप्त करेंगे;
(दो) उपधारा (2) के किसी पूर्ववर्ती खण्ड में विनिर्दिष्ट उत्तराधिकारी से उत्तरवर्ती खण्डों में विनिर्दिष्ट समस्त उत्तराधिकारी अपवर्जित होंगे, अर्थात् खण्ड (क) में स्थित उत्तराधिकारी खण्ड
(ख) में स्थित उत्तराधिकारियों से अधिमानता प्राप्त करेंगे और खण्ड (ख) में स्थित उत्तराधिकारी खण्ड (ग) में स्थित उत्तराधिकारियों से उत्तराधिकार में अधिमानता प्राप्त करेंगे, आदि;
(तीन) भूमिधर, असामी या सरकारी पट्टेदार या किसी पूर्वमृत पुरूष वंशानुगत उत्तराधिकारी, जो
यदि जीवित होता तो उत्तराधिकारी होता, के यदि एक से अधिक विधवायें हो तो ऐसी समस्त विधवायें एक साथ समान अंश प्राप्त करेंगी;
(चार) विधवा या विधवा माता या पिता की विधवा माता या किसी पूर्वमृत पुरूष वंशानुगत उत्तराधिकारी, जो यदि जीवित होता तो उत्तराधिकारी होता, की विधवा को केवल तभी उत्तराधिकार प्राप्त होगा यदि उसने पुनर्विवाह न किया हो।
(2) उपधारा (1) के उपबन्ध के अध्यधीन पुरूष भूमिधर, असामी या सरकारी पट्टेदार के निम्नलिखित रिश्तेदार उत्तराधिकारी हैं, अर्थात्ः-
(क) विधवा, अविवाहित पुत्री और पुत्र-पौत्रादिक क्रम में पुंजातीय वंशज, प्रति शाखा के अनुसार :
परन्तु यह कि किसी पूर्वमृत पुत्र के पुत्र और विधवा, चाहे वे जितनी भी नीची पीढ़ी में हों, को विरासत में वह अंश मिलेगा जो पूर्व मृत पुत्र को यदि वह जीवित होता, न्यागत होता;
(ख) माता और पिता;
(ग) ‘‘निकाल दिया गया’’;
(घ) विवाहित पुत्री;
(ङ) भाई और अविवाहित बहिन जो क्रमशः उसी मृत पिता के पुत्र और पुत्री हों; और पूर्व मृत भाई का पुत्र, जब पूर्व मृत भाई उसी मृत पिता का पुत्र हो;
(च) पुत्र की पुत्री;
(छ) पिता की माता और पिता के पिता;
(ज) पुत्री का पुत्र;
(झ) विवाहित बहिन;
(ञ) सौतेली बहिन, जो उसी मृत पिता की ही पुत्री हो;
(ट) बहिन का पुत्र;
(ठ) सौतेली बहिन का पुत्र, जहाँ बहिन उसी मृत पिता की ही पुत्री हो;
(ड़) भाई के पुत्र का पुत्र;
(ढ) पिता के पिता का पुत्र;
(ण) पिता के पिता के पुत्र का पुत्र;
(त) माता की माता का पुत्र।