धार्मिक विन्यासों आदि के प्रति व्यावृत्तियां-
इस अध्याय में दी गयी किसी बात का अर्थ किसी हिन्दू देवस्थान, मठ, या देवोत्तर सम्पत्ति या किसी मुस्लिम वक्फ, जिसमें कोई जोत भी शामिल है, के प्रबन्धन के न्यागमन पर लागू नहीं समझा जाएगा और जो ऐसी वैयक्तिक या अन्य विधियों द्वारा शासित होता रहेगा, जो उस पर लागू होती हों।