जोत  के  विभाजन  के  लिये  न्यायालय  का  कर्तव्य-  

(1)  धारा 116  के  अधीन  जोत  के  विभाजन  के प्रत्येक वाद में सहायक कलेक्टर का न्यायालय-
(क) ऐसी प्रक्रिया का पालन करेगा जो विहित की जाय;
(ख) प्रत्येक ऐसे विभाजन के सम्बन्ध में देय भू-राजस्व को प्रभाजित करेगा।
(2) धारा 116 में निर्दिष्ट जोत के विभाजन से, अन्तिम डिक्री के दिनांक के पूर्व देय भू-राजस्व के सम्बन्ध में उसके खातेदारों के संयुक्त दायित्व पर कोई प्रभाव नहीं पडे़गा।