असामी  द्वारा  समर्पण-

असामी  किसी  जोत  में  (किन्तु  उसके  किसी  अंश  मात्र  में  नहीं) अपने  हित  का समर्पण  भूमिधारकको  ऐसा  करने के  अपने आशय की सूचना  देते  हुए  लिखित  नोटिस  देकर  और  उस  पर अपना कब्जा छोड़कर कर सकता है।