बिना  हक  के  भूमि  के  अध्यासी  व्यक्तियों  की  बेदखली-

(1) जहां कोई व्यक्ति, तत्समय प्रवृत्त विधि के  उपबन्धों  की  अनुरूपता से अन्यथा  या  ऐसे  भूमिधर या  असामी  की  सहमति  के  बिना  किसी भूमिधर  या असामी  के  जोत  (धृत)  के  अंशभूत  किसी  भूमि  का कब्जा  लेता  है  या  रखता  है  तो  ऐसा  व्यक्ति  संबंधित भूमिधर या असामी के वाद पर बेदखली का दायी होगा ओर विहित दरों पर नुकसानी का भुगतान करने का भी दायी होगा।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी भूमि से सम्बन्धित प्रत्येक वाद हेतु राज्य सरकार और  ग्राम  पंचायत  को आवश्यक पक्षकार के रूप मेंअभियोजित किया जायेगा।