ग्राम पंचायत की भूमि से अतिचारी की बेदखली-
(1) इस संहिता के अन्य प्रावधान में किसी बात के होते हुये भी उप ज़िलाधिकारी स्वप्रेरणा से या ग्राम पंचायत या अन्य स्थानीय प्राधिकरण के आवेदन पर उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट किसी भूमि का कब्जा लेने या रखने वाले व्यक्ति को बेदखल कर सकता है यदि
ऐसा कब्जा इस संहिता के उपबंधों के उल्लंघन में हो या ऐसी ग्राम पंचायत या स्थानीय प्राधिकरण की सहमति के बिना हो और विहित दरों पर नुकसान का भुगतान करने का दायी होगा।
(2) उपधारा (1) के उपबन्ध भूमि की निम्नलिखित श्रेणियों पर लागू होंगे, अर्थात-
(क) इस संहिता या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन किसी ग्राम पंचायत या स्थानीय प्राधिकरण को सौंपी गयी या न्यस्त समझी गई कोई भूमि;
(ख) कोई भूमि जिस पर ग्राम पंचायत या स्थानीय प्राधिकरण इस संहिता के उपबंधों के अधीन कब्जा लेने का हकदार हो;
(ग) कोई भूमि जो ग्राम पंचायत या स्थानीय प्राधिकरण की हो या के स्वामित्व में हो या द्वारा धारित की गयी हो;
(घ) असामी धारा 77 के खण्ड (घ) या (ङ) में विनिर्दिष्ट भूमि-धारण कर रहा था और ऐसी भूमि में फसलों की पैदावार असंभव हो गयी है;
(ङ) असामी को धारा 125 के खण्ड (ख) के अधीन भूमि दी गयी थी और ग्राम पंचायत उसे लोक प्रयोजन के लिए उपयोग करना चाहती है।
(3) इस धारा के अधीन कोई व्यक्ति किसी भूमि से तब तक बेदखल नहीं किया जाएगा जब तक कि उसे कारण बताने का पर्याप्त अवसर न दिया गया हो।
(4) इस धारा के अधीन किसी व्यक्ति को बेदखल करते समय, उप ज़िलाधिकारी यथा आवश्यक बल का प्रयोग कर सकता है या करवा सकता है।
स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनार्थ शब्द ‘‘भूमि’’ में ऐसी भूमि पर विद्यमान पेड़ और अन्य सुधार भी है।