असामी द्वारा देय लगान- 

ऐसे प्रतिबन्धों और शर्तों के अधीन रहते हुए जैसी विहित की जाय, किसी भूमि
के अध्यासन हेतु अनुमति पाने पर कोई असामी ऐसे लगान के भुगतान का दायी होगा जैसा कि यथास्थिति, उसके भूमिधारक या ग्राम पंचायत और उसके बीच अनुबंधित किया गया हो।