ग्राम पंचायत द्वारा घोषणात्मक वाद-
विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963 की धारा 34 में अंतर्विष्ट किसी बात के प्रतिकूल होते हुए भी ग्राम पंचायत किसी व्यक्ति के विरुद्ध, जो किसी भूमि में किसी अधिकार के हक का दावा करता है, ऐसी भूमि में ऐसे व्यक्ति के अधिकार की घोषणा के लिए, वाद संस्थित कर सकती है और न्यायालय अपने विवेक से ऐसे व्यक्ति के अधिकार की घोषणा कर सकता है और ग्राम पंचायत को ऐसे वाद में किसी अन्य राहत की मांग करने की आवश्यकता नहीं होगी।