व्यादेश  का  उपबंध-

यदि धारा 144 या 145 के अधीन किसी वाद के दौरान शपथ-पत्र द्वारा या अन्यथा यह सिद्ध हो जाता हैः-
(क) कि विवादित भूमि पर कोई सम्पत्ति, पेड़ या खड़ी फसल को वाद के किसी पक्षकार द्वारा बेकार करने, क्षति पहुंचाने या अन्यथा संक्रामित किए जाने का खतरा है; या
(ख) कि वाद का केई पक्षकार न्याय के उद्देश्य को समाप्त करने के उद्ेश्य से उक्त सम्पत्ति, पेड़
या फसल को हटाने या बेच देने की धमकी देता है या इरादा रखता है-
तो न्यायालय अस्थायी व्यादेश दे सकता है और जहाँ आवश्यक हो, रिसीवर भी नियुक्त कर सकता है।