सरकारी पट्टेदार द्वारा धृत भूमि पर अतिचार-
(1) यदि कोई व्यक्ति किसी सरकारी पट्टेदार को पट्टे पर उठाई गयी किसी भूमि पर पट्टे के निबन्धन और शर्तों से भिन्न प्रकार से और ऐसे पट्टेदार की सहमति के बिना कब्जा कर लेता है या उसे बनाए रखता है तो ऐसा व्यक्ति सम्बद्ध सरकारी पट्टेदार के वाद पर बेदखल किया जा सकेगा और विहित दरों पर क्षतिपूर्ति का भी देनदार होगा।
(2)उपधारा(1) के अधीन संस्थित किसी वाद में राज्य सरकार को पक्षकार बनाया जाएगा किन्तु ग्राम पंचायत पक्षकार नहीं होगी।
(3) यदि किसी सरकारी पट्टेदार द्वारा उपधारा (1) में निर्दिष्ट बेदखली के लिए वाद का संस्थापन या किसी
ऐसे वाद में प्राप्त बेदखली की डिक्री का निष्पादन, उसके लिए उपबन्धित परिसीमा काल के भीतर न किया जाय तो ऐसी अवधि की समाप्ति से उसके निम्नलिखित परिणाम होंगे, अर्थात् -
(क) सरकारी पट्टेदार को पट्टे पर उठाई गयी भूमि पर कब्जा करने या कब्जा बनाए रखने वाले व्यक्ति को धारा 150 के अनुसार बेदखल किया जा सकेगा;
(ख) ऐसी भूमि पर सरकारी पट्टेदार का अधिकार, हक और हित समाप्त हो जायेगा और उसके पट्टे की अवधि समाप्त समझी जायेगी।