भूमिधर  द्वारा  देय  भू-राजस्व-  

(1)  प्रत्येक  व्यक्ति  जो  इस  संहिता  के  प्रारम्भ  के  दिनांक  के  पूर्व  से भूमिधर के रूप में कोई भूमि धारण कर रहा हो, राज्य सरकार को भू-राजस्व की उसी धनराशि का भुगतान करेगा और करता रहेगा जो वह इस संहिता के प्रवर्तन में आने के वर्ष के पूर्ववर्ती कृषि वर्ष में ऐसी भूमि के लिए करने का दायी था।
(2)  प्रत्येक  व्यक्ति  जो  ऐसे  प्रारम्भ  के  पश्चात्  किसी  भूमि  में  भूमिधरी  अधिकार  अर्जित  करता  है,  इस  संहिता के उपबन्धों  के अधीन रहते हुए  राज्य सरकार को भू-राजस्व की उसी  धनराशि का भुगतान करेगा जो ऐेसे अर्जन के दिनांक के ठीक पूर्व ऐसी भूमि के लिए देय थी।
(3)  प्रत्येक  व्यक्ति  जो  ऐसे  प्रारम्भ  के  पश्चात्  किसी  भूमि  में  भूमिधरी  अधिकार  अर्जित  करता  है  जिसके
सम्बन्ध  में  ऐसे  अर्जन  के  ठीक  पूर्व  कोई  भू-राजस्व  देय  नहीं  था,  उप  ज़िलाधिकारी  द्वारा  ऐसे  सिद्धान्तों  के अनुरूप, जैसे विहित किये जायें, अवधारित भू-राजस्व का भुगतान करने का दायी होगा।