व्यतिक्रमी- 

कोई भू-राजस्व जो देय हो और जिसका भुगतान धारा 165 में विनिर्दिष्ट दिनांक को या उसके
पूर्व न किया गया हो, उसी दिनांक से बकाया हो जाता है और उसके भुगतान के लिए उत्तरदायी व्यक्ति व्यतिक्रमी हो जायेंगे।