मांग-पत्र-
जैसे ही भू-राजस्व की बकाया देय हो जाय, वैसे ही तहसीलदार व्यतिक्रमी के विरुद्ध मांग-पत्र जारी कर सकता है जिसमें उससे ऐसे समय के भीतर जो विनिर्दिष्ट किया जायेगा, उपस्थित होने या धनराशि का भुगतान करने की अपेक्षा की जायेगी।