बकाये  की  वसूली  हेतु  प्रक्रिया-

(1)  मांग  पत्र  में  विनिर्दिष्ट  समय  के  अन्दर  भुगतान  न  किये  गये
भू-राजस्व की बकाया निम्नलिखित किसी एक या अधिक प्रक्रियाओं से वसूल की जा सकती है, अर्थात्ः-
(क) व्यतिक्रमी की गिरफ्तारी या उसे निरुद्ध करके;
(ख) उसकी जंगम संपत्ति जिसमें कृषि उपज भी शामिल है, कुर्की और विक्रय करके;
(ग) व्यतिक्रमी के किसी बैंक खाते या लॉकर की कुर्की करके;
(घ) ऐसी भूमि जिसके सम्बन्ध में बकाया देय हो, कुर्की करके;
(ङ) ऐसी भूमि को जिसके सम्बन्ध में बकाया देय हो, पट्टे पर देकर या उसकी बिक्री करके;
(च) व्यतिक्रमी की किसी अन्य स्थावर संपत्ति की कुर्की करके या बिक्री करके;
(छ) व्यतिक्रमी की किसी स्थावर या जंगम सम्पत्ति का रिसीवर की नियुक्ति करके।
स्पष्टीकरण-  शंकाओं  के  निराकरण  के  लिए  एतद्द्वारा  यह  घोषणा  की  जाती  है  कि  एतद्पूर्व उल्लिखित दो या अधिक आदेशिका साथ-साथ या एक के बाद एक प्रयुक्त और प्रवर्तित किए जा सकते हैं।
(2) भू-राजस्व के बकाये के रूप में वसूली योग्य कोई धनराशि किन्तु जो किसी विशिष्ट भूमि के सम्बन्ध में देय न हो, इस धारा के अधीन व्यतिक्रमी की किसी स्थावर सम्पत्ति जिसमें उसकी कोई जोत भी शामिल है जिसका वह भूमिधर है, से आदेशिका द्वारा वसूल किया जा सकता है।