व्यतिक्रमी के बैंक खाते और लॉकर की कुर्की-
व्यतिक्रमी के किसी बैंक खाते की कुर्की, जहां तक संभव हो, सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की प्रथम अनुसूची में दिए गए आदेश 21 के नियम 46, 46-क तथा 46-ख में अधिकथित रीति से सम्बन्धित बैंक के शाखा के प्रभारी प्रबन्धक को अनुऋणी आदेश को तामील करके की जाय और व्यतिक्रमी द्वारा किराये पर लिए गए लॉकर की दशा में उसे ऐसे प्रबन्धक की उपस्थिति में सील किया जायेगा जो कि तत्पश्चात् उसके संघटकों की सूची की तैयारी और उनके अंततः निस्तारण के
सम्बन्ध में उप ज़िलाधिकारी के अग्रेतर आदेशों की प्रतीक्षा करेगा।