अनियमितता के लिए विक्रय को अपास्त करने का आवेदन-
(1) विक्रय दिनांक से तीस दिन के भीतर किसी भी समय, व्यतिक्रमी या नीलामी क्रेता या अन्य कोई व्यक्ति जिसका हित ऐसे विक्रय से प्रभावित हो रहा हो, ऐसे विक्रय में किसी तथ्यपरक अनियमितता या उसे प्रकाशित करने या संचालित करने में किसी त्रुटि के आधार पर उस विक्रय को अपास्त करने के लिए आयुक्त को आवेदन कर सकता है।
(2) उपधारा (1) के अधीन कोई भी बिक्री तब तक अपास्त नहीं की जायेगी जब तक कि आवेदक आयुक्त को समाधानप्रद रूप में सिद्ध नहीं कर देता है कि उसे ऐसी अनियमितता या त्रुटि के कारण सारवान क्षति हुई है।
(3) राजस्व परिषद में पुनरीक्षण के अधीन रहते हुए इस धारा के अधीन आयुक्त का निर्णय अन्तिम होगा।