मामले को अंतरित करने की शक्ति-
(1) जहां परिषद को यह प्रतीत हो कि न्याय के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए ऐसा करना समीचीन होगा, वहां वह किसी मामले को एक राजस्व अधिकारी से समान या उǔचतर श्रेणी के उसी ज़िले या किसी अन्य ज़िले के दूसरे राजस्व अधिकारी को अंतरित करने का निर्देश दे सकता है।
(2) आयुक्त या कलेक्टर या उप ज़िलाधिकारी इस संहिता के उपबन्धों या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य अधिनियमन के अधीन प्रोद्भूत होने वाले किसी मामले या मामलों के वर्ग को अपनी पत्रावली में से निर्णय के लिए अपने से अधीनस्थ और ऐसा मामला या ऐसे मामलों के वर्ग को निर्णय करने में सक्षम किसी राजस्व अधिकारी के हवाले कर सकता है या किसी मामले या मामलों के वर्ग को ऐसे राजस्व अधिकारी से वापस ले सकता है और ऐसे मामले या मामलों के वर्ग को स्वयं निपटा सकता है या इसे किसी अन्य राजस्व अधिकारी को, जो ऐसे मामले या मामलों के वर्ग का निर्णय करने में सक्षम हो, निस्तारण के लिए निर्दिष्ट कर सकता है।