अविधिमान्य रूप से वृक्षों को काटने और हटाने के लिये शास्ति-

(1) कोई व्यक्ति, जो किसी वृक्ष या उसके किसी भाग को, जो राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकारी या ग्राम  पंचायत  की सम्पत्ति है, इसके  लिये  किसी  प्राधिकार  के  बिना काटता  है, हटाता  है  या  अन्यथा  काम  में  लाता  है,  इसके  मूल्य का भुगतान करने का जिम्मेदार होगा जो उससे किसी ऐसी शास्ति के अतिरिक्त जिसका वह भूमि का अध्यासन करने  के  कारण  या  अन्यथा, इस  संहिता  के  उपबन्धों  के  अधीन  भागी  हो  सकता  है  और  किसी ऐसी दण्डात्मक  कार्यवाही  के  होते  हुये  भी  जो  इस  प्रकार  काटने, हटाने  या  उपयोग  करने  के  संबंध  में  उसके विरुद्ध संस्थित की जा सकती है, वसूल किया जा सकेगा।
(2) कलेक्टर किसी भी समय उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी वृक्ष या उसके भाग के अधिहरण का निदेश दे
सकता है।